Sunday, 3 July 2016

निकाल बाहर करें रसोई में मौजूद ये तीन सफ़ेद ज़हर...!!

निकाल बाहर करें रसोई में मौजूद ये तीन सफ़ेद ज़हर

हमारी रसोई जो अपने आप में आयुर्वेद की बहुत बड़ी प्रयोगशाला और अस्पताल थी, आज वही रसोई हमारी 90 प्रतिशत से अधिक बिमारियों का मुख्य कारण है. रसोई में मौजूद कुछ ज़हर ऐसे हैं जिनको हम नहीं निकाल सकते, और कुछ ज़हर ऐसे हैं जिनको हम निकालना ही नहीं चाहते, ऐसे में आज हम आपको ऐसे ही तीन सफ़ेद ज़हरों के बारे में बता रहें हैं. आप की सेहत के लिए ये घोर विष के समान हैं, समय रहते इनको निकाल दीजिये, जिस से आपका और आपके परिवार का आने वाला समय सेहतमंद रहे.

30-40 साल पहले मनुष्य की औसत आयु कितनी थी, हर मनुष्य 70 से 80 तो कम से कम और 100 वर्ष तक तो हर स्वस्थ व्यक्ति को ही उम्मीद होती थी के वो जियेगा, मगर आज वो मनुष्य अपने आप को खुशकिस्मत समझते हैं जो 70 से 80 साल तक जी जाएँ, आज मनुष्य कि औसत आयु 50 से 60 साल ही रह गयी है. हमारी औसत आयु से 20 साल कम कर दिए, अभी ये किसने कम किये, इस भृष्ट व्यवस्था ने और हम जैसे आलसी जीवों ने, क्यूंकि हमको मेहनत करना पसंद नहीं. वो क्यूँ… आइये जानते हैं. For More Visit https://www.healthtreatment.in

निकाल बाहर करें रसोई में मौजूद ये तीन सफ़ेद ज़हर.

1. दानेदार चीनी एक सफ़ेद ज़हर.

Cheeni ke nuksan

अगर आप किसी 50-60 साल के व्यक्ति को पूछेंगे के भाई साब आपने सफ़ेद चीनी कब से खानी शुरू की है तो वो यही कहेंगे के ये 30-40 सालो से जीवन का हिस्सा बन गयी है. इस से पहले क्या खाते थे, तो इस से पहले या तो मिश्री होती थी या गुड होता था. मगर एक साज़िश के तहत गाँवों में गुड निकालना अंग्रेजी सरकार ने बंद करवा दिया और सब पर थोपनी शुरू कर दी सफ़ेद दानेदार चीनी, जो शारीर के लिए बिलकुल ज़हर है. पहले के लोग मिश्री को पीसकर या गुड से काम चला लिया करते थे, मगर आज कल मेहनत का समय किसके पास है, कौन तो मिश्री को कूटे या गुड को घोले तो तुरंत चीनी डालो और काम खत्म. और उसके नतीजे आप सब देख ही रहे हो, किडनी और लीवर काम करते करते थक जाते हैं, तो उनकी उम्र और कार्य शक्ति तो कम होगी ही. फिर चाहे वो श्वांस रोग हो, लीवर के रोग हो, किडनी के रोग हो, मोटापा हो, शुगर हो, हृदय रोग हो और चाहे वो कैंसर हो. हर कोई व्यक्ति इन में किसी ना किसी बीमारी का शिकार है, तो क्या आप चाहते हैं के आपके आने वाली पीढ़ी भी इसका शिकार बने ? फैसला आपके हाथ. आप डिमांड करेंगे तो दुकानदार भी मिश्री रखेंगे… आप डिमांड ही नहीं करेंगे तो वो क्यों रखेंगे…

2. सफ़ेद आयोडीन नमक.

Iodine namak ke nuksan

आज से करीब 40 साल पहले सरकार ने पश्चिम बंगाल के 5 जिलों यथा मालदा, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद एवं नदिया को घेंगा रोग से ग्रसित घोषित किया था और उन जिलों मे आयोडिन युक्त नमक लोगों को जबर्दस्ती खिलाया गया, बिना आयोडिन वाले नमक की बिक्री पर पतिबंध लगा दिया गया, जब विरोध मे किसी ने कोई आवाज नहीं उठाई तो उसके कुछ साल बाद पूरे देश मे ही बिना आयोडिन वाले नमक की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गयी और पूरे देश कि जनता को जबर्दस्ती आयोडिन युक्त नमक खिलाया जाने लगा, और इसको राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया, टीवी मीडिया हर जगह आयोडीन आयोडीन नमक कर दिया गया जो आज तक बदस्तूर जारी है, अब आयोडिन युक्त नमक या आयोडिन कि स्वल्प सिर्फ उसी के लिए जरूरी है जिसे घेंगा रोग हुआ है, और जिसे ये रोग हुआ ही नहीं है वो अगर आयोडिन खाएगा तो उसके शरीर मे उल्टा रोग जन्म ले लेगा और यही हमारे देश मे हो रहा है, आज अधिकतर लोग घेंघा (थायरोइड) की समस्या से ग्रस्त हैं और इस बात पर किसी का भी ध्यान बिलकुल नहीं गया है. आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप ,डाइबिटीज़,लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय भी बना रहता है ।

सिर्फ आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि आयोडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है। तो ऐसे में क्या करें, यहाँ फिर वही हमारा आलसी जीवन सामने आ जाता है, अभी कौन सेंधा नमक का पत्थर ले कर आये और उसको कूटे पीसे और उपयोग करे. अगर आप अपने बीवी बच्चो का अपने परिवार का भला चाहते हो तो ये काम आपको ही करना होगा.

3. सफ़ेद आटा अर्थात मैदा

Maide Ke Nuksan

हमारी आंतो का सबसे बड़ा दुश्मन है ये मैदा, आज हर कोई व्यक्ति कब्ज, आंव, बवासीर से परेशान है, आयुर्वेद में कहा गया है के पेट से सभी बीमारियाँ जन्म लेती हैं. तो मैदा पेट का सब से बड़ा दुश्मन है. आज कल बाज़ार में मिलने वाला भोजन 90 % से ऊपर मैदे से बना हुआ रहता है, चाहे आप छोले भठूरे खा रहे हों, चाहे आप पुड़ी सब्जी, चाहे आप किसी कंपनी के बने हुए बिस्कुट, और चाहे आप फ़ास्ट फ़ूड के सैंडविच या बर्गर या ब्रेड खा रहे हों.  मेरे भाई मैदे में स्वास्थय के नाम से एक प्रतिशत भी गुण नहीं है. इसलिए इसके अंधाधुन्द प्रयोग से खुद भी बचें और अपने बच्चों को भी बचाएं. ये कब्ज गैस मोटापे से लेकर अल्सर और फिर कैंसर तक का कारण बनता है. और आप आटा भी थोडा मोटा पिसवाएं, और घर में आटा छानने की छन्नी भी थोड़े मोटे छिद्र वाली रखें, ताकि अनाज का फाइबर मिल सके. यहाँ फिर वही आलस आ जाता है के कौन तो चक्की वाले को जा कर कहे, माफ़ कीजियेगा आज कल तो शहरों में और भी बड़ी बीमारी चली है के आटा भी पैक हो कर आता है,

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क्या आप जानते है.? आपके पेट में भोजन पच रहा है या सड़ रहा है

क्या आप जानते है.?आपके पेट में भोजन पच रहा है या सड़ रहा है

एक कहावत है ‘पहला सुख निरोगी काया’। स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग के निर्माण में सहायक होता है। स्वस्थ रहने की पहली शर्त है आपकी पाचन शक्ति का सुदृढ़ होना। भोजन के उचित पाचन के अभाव में शरीर अस्वस्थ हो जाता है, मस्तिष्क शिथिल हो जाता है और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। जिस प्रकार व्यायाम में अनुशासन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार भोजन में भी अनुशासन महत्वपूर्ण है। अधिक खाना, अनियमित खाना, देर रात तक जागना, ये सारी स्थितियां आपके पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। अतः यह आवश्यक हो जाता है कि पाचन शक्ति को दुर्बल होने से बचाएं। पाचन तंत्र की दुर्बलता दूर करने के लिए खाना खाने के बाद पेट मे खाना पचेगा या खाना सड़ेगा ये जानना बहुत जरुरी है … For More Visit https://www.healthtreatment.in

हमने रोटी खाई,हमने दाल खाई,हमने सब्जी खाई, हमने दही खाया लस्सी पी ,

दूध,दही छाझ लस्सी फल आदि,

ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया

ये सब कुछ हमको उर्जा देता है |

और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है | पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है जिसको हम हिंदी मे कहते है “अमाशय” उसी स्थान का संस्कृत नाम है “जठर”| उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है ” epigastrium “|

ये एक थेली की तरह होता है और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है। ये बहुत छोटा सा स्थान है इसमें अधिक से अधिक 350GMS खाना आ सकता है | हम कुछ भी खाते सब ये अमाशय मे आ जाता है|

आमाशय मे अग्नि प्रदीप्त होती है उसी को कहते हे”जठराग्न”।

ये जठराग्नि है वो अमाशय मे प्रदीप्त होने वाली आग है । ऐसे ही पेट मे होता है जेसे ही आपने खाना खाया की जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी |

यह ऑटोमेटिक है,जेसे ही अपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह मे डाला की इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई|

ये अग्नि तब तक जलती हे जब तक खाना पचता है | अब अपने खाते ही गटागट पानी पी लिया और खूब ठंडा पानी पी लिया| और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते है | अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी वो बुझ गयी|

आग अगर बुझ गयी तो खाने की पचने की जो क्रिया है वो रुक गयी| अब हमेशा याद रखें खाना जाने पर हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है, एक क्रिया है जिसको हम कहते हे “Digestion” और दूसरी है “fermentation”

फर्मेंटेशन का मतलब है सडन और डायजेशन का मतलब हे पचना|

 आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी तो खाना पचेगा,खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा जो रस बनेगा तो उसी रस से मांस,मज्जा,रक्त,वीर्य,हड्डिया,मल,मूत्र और अस्थि बनेगा और सबसे अंत मे मेद बनेगा| ये तभी होगा जब खाना पचेगा| ये तो हुई खाना पचने की बात.

खाना नहीं पचने पर बनता है यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल ,LDL-VLDL| और यही आपके शरीर को रोगों का घर बनाते है !



पेट मे बनने वाला यही जहर जब ज्यादा बढ़कर खून मे आते है ! तो खून दिल की नाड़ियो मे से निकल नहीं पाता और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा जो खून मे आया है इकट्ठा होता रहता है और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है

जिसे आप heart attack कहते हैं !



तो हमें जिंदगी मे ध्यान इस बात पर देना है की जो हम खा रहे हे वो शरीर मे ठीक से पचना चाहिए

और खाना ठीक से पचना चाहिए इसके लिए पेट मे ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए| क्योंकि बिना आग के खाना पचता नहीं हे और खाना पकता भी नहीं है

Video Link :-https://youtu.be/fXOegjkaeZs

शीघ्रपतन वीर्यवृद्धि नपुंसकता में प्याज रामबाण।

शीघ्रपतन वीर्यवृद्धि नपुंसकता में प्याज रामबाण।

प्याज एक अति गुणकारी सब्जी हैं, ये सब्जी कम हैं औषिधि ज़्यादा हैं। प्याज नाड़ी संस्थान, शारीरिक, मानसिक, कामशक्ति को ताक़त देता हैं। प्याज और घी का संयोग गुणकारी हैं। प्याज कई गंभीर बीमारियों के लिए ये रामबाण है। यौन शक्ति के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्याज एक सस्ता एवं सुलभ विकल्प है।

प्याज की सब्जी घी से छौंक कर बनाने से अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट हो जाती हैं। प्याज का रस और घी मिलाकर पीने से ताक़त बढ़ती हैं। कच्चे प्याज के टुकड़ो पर नीम्बू निचोड़ कर खाने से भोजन जल्दी पच जाता हैं। प्याज और शहद दोनों मिलकर गर्म प्रकृति के बन जाते हैं। अत: गर्भवती स्त्रियों को दोनों को मिलाकर सेवन नहीं करना चाहिए। वो केवल प्याज ही खाए। For More Visit https://www.healthtreatment.in

आइये जाने प्याज के शक्तिवर्धक प्रयोग।

वीर्यवृद्धि नपुंसकता दूर करने के लिए

वीर्यवृद्धि के लिए सफेद प्याज के रस के साथ शहद लेने पर फायदा होता है। सफेद प्याज का रस, शहद, अदरक का रस और घी का मिश्रण 21 दिनों तक लगातार लेने से नपुंसकता दूर हो जाती है।

शीघ्रपतन और सेक्शुअल डिजायर बढ़ाने के लिए

1.)  100 ग्राम अजवाइन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूख जाने पर फिर यही प्रक्रिया दोहराएं। ऐसा तीन बार करें। अच्छी तरह सूख जाने पर इसका बारीक पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को पांच ग्राम घी और पांच ग्राम शक्कर के साथ सेवन करें। इस योग को इक्कीस दिन तक लेने पर शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलती है। एक किलो प्याज का रस, एक किलो शहद और आधा किलो शक्कर मिलाकर डिब्बे में पैक कर लें। इसे पंद्रह ग्राम की मात्रा में एक माह तक नियमित सेवन करें। इस योग के प्रयोग से सेक्शुअल डिजायर में वृद्धि होती है।

2.) एक किलो प्याज के रस में आधा किलो उड़द की काली दाल मिलाकर पीस कर पेस्ट बना लें। इसे सुखाकर एक किलो प्याज के रस में मिलाकर फिर से पीस लें। इस पेस्ट को दस ग्राम मात्रा में लेकर भैंस के दूध में पकाएं और शक्कर डाल कर पी जाएं। इस योग का सेवन तीस दिन तक नियमित सुबह-शाम सेवन करने से कमजोरी दूर होती है और कामेच्छा में बढ़ोतरी होती है।

Video Link :-https://youtu.be/0J9ct20mTAQ

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Saturday, 2 July 2016

उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कहें अलविदा इस शक्तिशाली औषधि से..!!

उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कहें अलविदा इस शक्तिशाली औषधि से..!! 

अपने कोलेस्ट्रोल और blood pressure  को नियंत्रित रखें और चुस्त फुरत रहें नशीले पदार्थों का सेवन न करें | अपनी अच्छी सेहत और बिमारिओं से बचने के लिए हमें ये सब चीजें करनी चाहिए |

लेकिन इन सब के बावजूद भी हमें अपने दिल का ख़ास ख्याल रखना चाहिए  | नीचे बताई गई विधि को अजमाए और फिर इसके अद्भुत  नतीजे देखें For More Visit https://www.healthtreatment.in

सामग्री:

• 1 पीसी हुई  लहसुन की कली

• 1/2 कप निम्बू का रस

• 1/2 छोटा चमच कसा हुआ (grated) अदरक

• 1 बड़ा चमच सेब का सिरका

• 1 बड़ा चमच organic शहद

विधि:

सब तत्वों के एक साथ ब्लेंडर मे अच्छे से पीस कर एक मिश्रण तयार कर लें  | तयार होने के बाद इसे किसी कांच के बर्तन में निकाल  कर फ्रिज में रख दें |

इस औषधि के स्वास्थ लाभ

लहसुन  :

लहसुन triglycerides , कोलेस्ट्रोल , ब्लड शुगर  कम करने में मदद करता है | धमनियों के रोग (atherosclerosis)के लिए ये सबसे ज़यादा फायदेमंद है |

अदरक:

अदरक एक बहुत हे प्रभावशाली तत्व है जो triglycerides, कोलेस्ट्रोल को कम करता है ख़ास कर उन लोगो में जिनको मधुमेह ,नेफ्राइटिक सिंड्रोम, हाइपोथायरायडिज्म और जो शराब पीने के आदि हों

सेब का सिरका:

कच्चा और organic सेब का सिरका blood शुगर और इन्सुलिन को नियंत्रित करता है और साथ ही triglycerides और कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है

शहद:

शहद का नियमित सेवन रकत वाहिकाओं में कोलेस्ट्रोल को कम करता है

इस्तेमाल कैसे करें:

दिन में इस  औषधि का थोड़ी थोड़ी मात्रा में सेवन करें और हो सके तो हर बार खाना खाने से पहले इसका सेवन करें |अगर आपको इसे खाने में कोई दिकत हो तो इस में थोड़ा  पानी भी मिला सकते हैं और इसे मीठा  करने के लिए आप इसे अपने किसी मनपसंद शेक में  मिला कर भी इसका सेवन कर सकते हैं |

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लिवर को साफ़ , किडनी की पथरी और कैंसर सेल को ख़तम कर सकती है ये चाये..!!

लिवर को साफ़ , किडनी की पथरी और कैंसर सेल को ख़तम कर सकती है ये चाये..!!

अदरक में  विटामिन c,  magnesium, और बहुत सारे minerals पाए जाते हैं जो इसे सम्पुरण सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी बनाते हैं |

अदरक का इस्तेमाल बहुत समय से कई बिमारिओं के लिए किया जाता रहा है , अदरक भूख भडाने, रोग प्रतिरोधक शक्ति, हृदय रोग, दमा, दर्द दुर करने के लिए और बहुत सी  बिमारिओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है |

एक कप गरम अदरक की चाय सर्दी जुखाम भगाने के लिए किसी भी और दवा या औषधि से कहीं ज़यादा फायदेमंद होती है |अदरक की चाय के और बहुत से लाभ हैं For More Visit https://www.healthtreatment.in

अदरक की चाय बनाने की विधि :

सामग्री:

• 1 बड़ा चमच organic शहद

• 1/4 छोटा चमच पिसी हुई हल्दी

• 1/4 छोटा चमच पिसा हुआ अदरक

• 1 कप पानी

• 1/4 कप नारियल का दूध

विधि:

अदरक की चाय बनाने में बहुत ही आसान है | सबसे पहले पानी गरम कर लें इस में अदरक और हल्दी डाल कर 7-10 मिनट तक उबालें , उबलने  के बाद ढूध और शहद मिला कर चाय को कप में निकाल लें |

अदरक की चाय पीने के फायदे :

अदरक में anti oxidants भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं ,अदरक किसी भी  तरह के संक्रमण को दूर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने में मदद करता है

अदरक सर्दी जुखाम फेलाने वाले वायरस को रोकने के लिए  एक  बहुत ही प्रभावशाली औषधि है

अदरक के गर्मी पैदा करने वाले गुण शारीर में खून के बहाव,ऑक्सीजन ,विटामिन्स और मिनरल्स के बहाव को बढ़ाते हैं |



अदरक दर्द ,ख़राब गला , सर्दी जुखाम और सर दर्द में राहत दिलाता है |

अदरक स्ट्रोक के खतरे को भी कम करता है

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डायबिटीज अर्थात ब्लड शुगर में क्या खांए क्या ना खांए | Blood Sugar - Wha...

डायबिटीज अर्थात ब्लड शुगर में क्या खांए क्या ना खांए | 

शुगर के मरीजों के लिए जरूरी है की वे बैलेंस्ड डाइट ले ज्यादा न खाये लेकिन तीनो वक्त खाना खांए और बीच में एक दो बार सलाद जरूर ले उन्हें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा कॉम्बिनेशन लेना चाहिए मसलन नाश्ते में दूध वाला दलिया ले या आटे वाली ब्रेड ले ईएसआई तरह खाने में सब्जी के साथ दाल भी ले इससे शुगर का लेवल सही रहता है असल में कार्बोहाइड्रेट से शुगर जल्दी बनती है जबकि प्रोटीन से धीरे-धीरे शुगर रीलिज होती है जिससे ज्यादा देर तक पेट भरा लगता है और आप ज्यादा खाने से बच जाते है कुल खाने की 55 -60  फीसदी कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से, 15 -20 फीसदी प्रोटीन से ,15 -20  फीसदी फैट से मिलनी चाहिए  ज्यादा टला भुना ना खाये

लो ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाली चीजे यानि जो शरीर में जाकर धीरे-धीरे ग्लूकोज में बदलती है खानी चाहिए इनमे हरि सब्जियां सोया ,मूंग दाल ,काला चना ,राजमा ,ब्राउन राईस आदि शामिल है

खाने में करीब २० से ४० फीसदी फाइबर जरूर होना चाहिए गेंहू से चोकर न निकाले आटा थोड़ा मोटा पिसवाएं लोबिया ,राजमा ,स्प्राउट्स आदि खाये क्योकि इनमे प्रोटीन और फाइबर दोनों मिलते है स्प्राउट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट भी काफी होते है

दिन भर में 4 -5  बार फल और सब्जियां खाये लेकिन एक ही बार में सबकुछ खाने की बजाए दिन में बार-बार थोड़ा -थोड़ा करके  खाये फलों में चेरी ,स्टॉर्बरी ,सेब,संतरा,अनार ,पपीता ,मौसमी आदि और सब्जियों में करेला ,घीया ,तोरी,सीताफल ,खीरा ,टमाटर आदि खाये

रोजाना एक मिट्ठी ड्राई फ्रूट्स खाये यानि 10 -12 बादाम या 5 -7  बादाम और 3 -4  अखरोट खाये

घीया ,करेला ,टमाटर ,खीरा ,ऐलोविरा,आंवला का रस काफी फायदेमंद है

लो फैट दही और स्किम्ड/डबल टोंड दूध लेना चाहिए ग्रीन टी पीना अच्छा है चाय के साथ हाई फाइबर बिस्किट या फीके बिस्किट ले सकते हैं बीपी नहीं हो तो नमकीन बिस्किट भी ले सकते हैं

जौ (बारले) काला चना ,मूंग दाल और जामुन खासतौर पर फायदेमंद हैं इनका ग्लाइसिमिक इंडेक्स भी कम हैं और ये पित्त के इम्बेलंस को कम करने के साथ -साथ अगर अंदर सूजन हो गई हैं उसे भी ठीक करते हैं

काला नमक डालकर छाछ पिए  नारियल पानी पिए घर पर बने सूप पिए

नीम करेला पाउडर बना कर रख लीजिए भोजन के बाद इसको एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लीजिए

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महिलाओं के लिए रामबाण है ये नुस्खा | Great Home Remedy For Ladies Health

महिलाओं के लिए रामबाण है ये नुस्खा | Great Home Remedy For Ladies Health

स्त्रीओ के लिए बड़ी अजीब से स्थति है की जब सारा दिन काम करके वो रात को बिस्तर पर पहुंचती है तो वो आधे घंटे तक दर्द से कराहती रहती है पुराने जमाने में औरते घर पर आज से भी ज्यादा काम करती थी और फिर भी तन्दुरुस्त रहती थी आखिर वो ऐसा क्या करती थी आज हम आपको बताएंगे ऐसा ही एक सरल सा नुस्खा For More Visit https://www.healthtreatment.in

इसके कई कारण है :-

1 . युवावस्था में सिर्फ दो फुल्के खाकर ही काम चला लेना

2 . जंक फ़ूड ज्यादा मात्रा में सेवन करना

3 . पानी बहुत कम पीना

4 . छोटी-छोटी बिमारिओ को नजरअंदाज करना

5 . कॉस्मेटिक्स का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करना

6 . खान-पान में लापरवाही करना

शारीरिक थकावट और बदन दर्द दूर करने का एक समान्य परन्तु कारगर तरीका :-

एक किलो मेथी दाना घी में भूनकर पिसलिजिए अब इसमें 250  ग्राम बबूल का गोंद घी में भूनकर पीसकर मिला दीजिये सुबह -शाम 1 -1 चम्मच यानि 5 -5 पानी से निगल लीजिए जब तक यह पूरी दवा खत्म होगी आप अपने आपको अधिक सुंदर व् ताकतवर महसूस करेंगी पुरे बदन में कहि भी दर्द का नमोनिशान नहीं रहेगा और एक नई स्फूर्ति का अनुभव होगा

Video Link :- https://youtu.be/i7dS2_2FY80

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