Sunday, 2 October 2016

Vastu Tips घर में पूजा स्थल के आस पास कभी न करे ये 5 गलतियां



Vastu Tips घर में पूजा स्थल के आस पास कभी न करे ये 5 गलतियां Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3KFind us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in

हम में से कई ऐसे लोग है जो दिन की शुरुवात पूजा पाठ से करते है भले ही व्यस्त जीवनशैली के चलते लोग मन्दिर न जा पाते हो लेकिन लगभग सभी के घरो में भगवान का एक छोटा सा मन्दिर जरूर होता है घरो में मन्दिर होना एक तरह की सकारत्मकता ऊर्जा का संचार करता है लेकिन कुछ लोगो द्वारा भूलवंश ऐसे कार्य कर दिए जाते है जिससे नकारत्मक ऊर्जा उतपन्न होती है इसलिए अगर आपके घर में मन्दिर है तो आपको कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना चाहिए For More Visit http://www.doctorfit.co.in
आइये जानते है उनके बारे में:-
# कभी कभी इस होता है आरती करने वाले दीपक पर धूल की परत चढ़ जाती है लेकिन इस करना नकारत्मक ऊर्जा को निमन्त्रण देना जैसा है इसलिए दीपक हमेशा धुले हुए होने चाहिए 
# पिले या लाल वस्त्र का प्रयोग करे हमेशा पूजा स्थल में पिले या लाल वस्त्र का प्रयोग करे काले या ब्राउन या सफेद कपड़ो का प्रयोग वर्जित है 
# पूजा करते समय हमेशा बालो को ढककर रखना चाहिए जिससे बहरी आवरणों का प्रभाव हम न पड़े 
# घर के मंदिर में कभी भी टूटी हुई मूर्ति नही रखनी चहिये समस्य समय पर मूर्तियों का साफ करना चाहिए 
# शिवलिंग बड़ा नही होना चाहिए हमेशा मंदिर में छोटा शिवलिंग रखना चाहिए  
# Vastu Tips घर में पूजा स्थल के आस पास कभी न करे ये 5 गलतियां,#asrdar totke,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#vastu tips for money,#money vastu,#vastu tips for wealth creation,#vastu tips for happy life,#vastu tips for importance human life,#astrology tips for wealth,#astrology tips for money,#amazing tips for money,#how to make money with vastu tips,#astrology tips for healthy,#healthy & happy life solution with vastu,#how to cure health problems solution with home remedy,#amazing money solution with vastu tips,#how to get rid from health problems solution,
Video Link:-https://youtu.be/Y_YK85Z1384
Channel Link:-  https://www.youtube.com/channel/UCGy6Sl8xIUXVGY9WJjBsrxA

रोजाना इसे खाने पर दवा की जरूरत नहीं, दूर हो जाएंगे ये बड़े रोग Health B...

रोजाना इसे खाने पर दवा की जरूरत नहीं, दूर हो जाएंगे ये बड़े रोग Health Benefits of Tulsi Home Remedy
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in
हिंदू धर्म में तुलसी को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि देवी का रूप माना गया है। यही कारण है कि आंगन में तुलसी का पौधा लगाना और उसकी पूजा करना सदियों से भारतीय परंपरा रही है। घर में तुलसी लगाने और उसकी पूजा करने के पीछे भी कुछ वैज्ञानिक कारण भी हैं।ऋषि-मुनियों ने यह अनुभव किया कि इस पौधे में कई बीमारियों को ठीक करने की क्षमता है। साथ ही, इसे लगाने से आसपास का माहौल भी साफ-सुथरा व स्वास्थ्यप्रद रहता है। इसीलिए उन्होंने हर घर में कम से कम एक पौधा लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।तुलसी के स्वास्थ्य प्रदान करने वाले गुणों के कारण इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि इसका पूजन किया जाने लगा। तुलसी सिर्फ बीमारियों पर ही नहीं, बल्कि मनुष्य के आंतरिक भावों और विचारों पर भी अच्छा प्रभाव डालती है। For More Visit http://www.doctorfit.co.in
तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली दिल के लिए लाभकारी, त्वचा रोगों में फायदेमंद, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र से संबंधित बीमारियों को मिटाने वाली है। यह कफ और वात से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करती है।
यदि सुबह, दोपहर और शाम को तुलसी का सेवन किया जाए तो उससे शरीर इतना शुद्ध हो जाता है, जितना अनेक चांद्रायण व्रत के बाद भी नहीं होता। तुलसी की गंध जितनी दूर तक जाती है, वहां तक का वातारण और निवास करने वाले जीव निरोगी और पवित्र हो जाते हैं।
तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली कफ, खांसी, हिचकी, उल्टी, कृमि, दुर्गंध, हर तरह के दर्द, कोढ़ और आंखों की बीमारी में लाभकारी है। तुलसी को भगवान के प्रसाद में रखकर ग्रहण करने की भी परंपरा है, ताकि यह अपने प्राकृतिक स्वरूप में ही शरीर के अंदर पहुंचे और शरीर में किसी तरह की आंतरिक समस्या पैदा हो रही हो तो उसे खत्म कर दे। शरीर में किसी भी तरह के दूषित तत्व के एकत्र हो जाने पर तुलसी सबसे बेहतरीन दवा के रूप में काम करती है। सबसे बड़ा फायदा ये कि इसे खाने से कोई रिएक्शन नहीं होता है।
तुलसी की मुख्य जातियां-
तुलसी मुख्यत: पांच प्रकार की होती है लेकिन घरों में दो प्रकार की तुलसी लगाई जाती हैं, ये हैं इन्हें रामा और श्यामा।
– रामा तुलसी को गौरी भी कहा जाता है क्योंकि इनके पत्तों का रंग हल्का होता है।
– श्यामा तुलसी के पत्तों का रंग काला होता है। इसमें कफनाशक गुण होते हैं और इसलिए इसे दवा के रूप में अधिक उपयोग में लाया जाता है।
– वन तुलसी में जहरनाशक प्रभाव पाया जाता है, लेकिन इसे घरों में बहुत कम लगाया जाता है। आंखों के रोग, कोढ़ और प्रसव में परेशानी जैसी समस्याओं में यह कारगर दवा है।
– एक अन्य जाति मरूवक है, जो बहुत कम पाई जाती है। राजमार्तण्ड ग्रंथ के अनुसार किसी भी तरह का घाव हो जाने पर इसका रस बेहतरीन दवा की तरह काम करता है।
– तुलसी की एक और जाति जो बहुत उपयोगी है वह है, बर्बरी तुलसी। इसके बीजों का प्रयोग वीर्य को गाढ़ा करने वाली दवा के रूप में किया जाता है।तुलसी के फायदे (Benefits of Basil)-* जुकाम के कारण आने वाले बुखार में भी तुलसी के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए।
आइये आज आपको बताते हैं तुलसी के कुछ घरेलू नुस्खों से होने वाले फायदे के बारे में, जिन्हें अपनाकर आपको कई पुराने रोगों से निजात मिल सकती है.
1. टीबी के रोग को दूर भगाने में बेहद कारगर है तुलसी
तुलसी, दमा और टीबी रोग में बहुत लाभकारी है. रोज़ाना तुलसी खाने से दमा और टीबी नहीं होता. तुलसी के औषधीय गुण के कारण यह बीमारी के लिए ज़िम्मेदार जीवाणु को बढ़ने से रोकती है. शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है.
2. मलेरिया को रखे दूर
तुलसी की 11 पत्तियों का 4 खड़ी काली मिर्च के साथ सेवन करने से, मलेरिया और टाइफाइड को ठीक किया जा सकता है. मच्छरों के काटने से होने वाली ज़्यादातर बीमारियों का इलाज तुलसी के सेवन के द्वारा किया जा सकता है.
3. बुखार में 'पैरासिटामॉल’ की जगह खायें तुलसी
सभी प्रकार के बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए तुलसी कारगर साबित होती है. 20 तुलसी दल और 10 काली मिर्च मिलाकर बनाए गए काढ़े को पीने से पुराने से पुराना बुखार छू-मंतर हो जाता है. तुलसी की मदद से किसी भी तरह के बुखार को बगैर पैरासिटामॉल और एंटीबायोटिक के उपयोग के भी ठीक किया जा सकता है.
4. कुष्ठ रोग में लाभकारी होती है तुलसी की जड़
तुलसी की जड़ को पीसकर, सोंठ मिलाकर जल के साथ रोज़ सुबह-सुबह पीने से कुष्ठ रोग में लाभ मिलता है. कुष्ठ रोग में तुलसी के पत्तों का रस निकालकर पीने से लाभ फायदा मिलता है. आयुर्वेदाचार्यों के मुताबिक़, तुलसी के बगीचे के आस-पास रहने वाले लोगों को ‘कुष्ठ’ रोग होने की संभावना न के बराबर होती है.
5. माइग्रेन और साइनस में मिलती है राहत
तुलसी का काढ़ा पीने से माइग्रेन और साइनस में आराम मिलता है. अगर आप पुराने सिर दर्द से परेशान हैं, तो रोज़ सुबह और शाम को एक चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ लेने से 15 दिनों में आपका दर्द पूरी तरह से ठीक हो सकता है.
6. आंखों के रोगों के लिए रामबाण औषधि है तुलसी
श्यामा तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिनों तक आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है. आंखों का पीलापन ठीक होता है. आंखों की लाली दूर करता है. तुलसी के पत्तों का रस काजल की तरह आंख में लगाने से आंख की रौशनी बढ़ती है.
7. सभी वात रोगों को दूर करने में है सहायक
गठिया के दर्द में तुलसी की जड़, पत्ती, डंठल, फल और बीज को मिलाकर उसका चूर्ण बनाएं. इसमें पुराना गुड़ मिलाकर 12-12 ग्राम की गोलियां बना लें. सुबह-शाम गाय या बकरी के दूध के साथ सेवन करने से गठिया व जोड़ों के दर्द में लाभ होता है.
8. किडनी के रोगों में भी है लाभकारी
किडनी की पथरी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाए गए जूस को शहद के साथ 6 महीनों तक रोज़ाना पीने से पथरी खत्म होकर बाहर निकल जाती है.
9. सांप के काटने पर लगाएं तुलसी का लेप
अगर किसी को सांप ने काट लिया है, तो पीड़ित व्यक्ति को तुरंत तुलसी खिलानी चाहिए. ऐसा करने से उसकी जान बच सकती है. जिस स्थान पर सांप ने काटा हो, उस पर तुलसी की जड़ को मक्खन या घी में घिसकर लेप कर देना चाहिए. जैसे-जैसे ज़हर खिंचता चला जाता है, इस लेप का रंग सफ़ेद से काला हो जाता है. तुलसी के हर हिस्से को सांप के ज़हर में उपयोगी माना गया है.
10. दिल को मजबूत बनाती है तुलसी
तुलसी के दस पत्ते, पांच काली मिर्च और चार बादाम को पीसकर आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से सभी प्रकार के हृदय रोग ठीक हो जाते हैं. तुलसी की 4-5 पत्तियां, नीम की दो पत्ती के रस को 2-4 चम्मच पानी में पीसकर 5-7 दिन रोज़ सुबह ख़ाली पेट खाने से हाई ब्लड प्रेशर ठीक हो जाता है.
11. यौन रोगों के इलाज में कारगर है
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.
12. अनियमित पीरियड्स की समस्या को करे दूर
अकसर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. पीरियड्स की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है.
13. सर्दी में खास
अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह सेपकाकर उसका काढ़ा पीने से फायदा होता है. आप चाहें तो इसकी गोलियां बनाकर भी खा सकते हैं.
14. दस्त होने पर
अगर आप दस्त से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का इलाज आपको फायदा देगा. तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीस लें. इसके बाद उसे दिन में 3-4 बार चाटते रहें. ऐसा करने से दस्त रुक जाती है.
15. सांस की दुर्गंध दूर करने के लिए
सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें. ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है.
16. चोट लग जाने पर
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है. तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है. इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है.
17. चेहरे की चमक के लिए
त्वचा संबंधी रोगों में तुलसी खासकर फायदेमंद है. इसके इस्तेमाल से कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और चेहरा साफ होता है.
18. कैंसर के इलाज में
कई शोधों में तुलसी के बीज को कैंसर के इलाज में भी कारगर बताया गया है . हालांकि अभी तक इसकी पुष्टिक नहीं हुई है.
# रोजाना इसे खाने पर दवा की जरूरत नहीं, दूर हो जाएंगे ये बड़े रोग,# Health Benefits of Tulsi Home Remedy,#crazy india,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#how to cure health problems solution with home remedy,#how to get rid from health problems solution with home remedy,#health benefits of tulsi,#tulsi benefits for health problems solution in ayurveda,#ayurveda for healthy life,#amazing home remedy solution for health problems solution,tulsi for health,
Channel Link :- https://www.youtube.com/c/crazyindiahealth

समय से पहले सफेद होते बालों को बचाने के पांच घरेलू Tips! Grey Hair with ...

समय से पहले बाल सफेद हो रहे हैं तो अपनाएं ये उपाय
समय से पहले सफेद होते बालों को बचाने के पांच घरेलू Tips! Keep Those Premature Grey Hair at bay with these five Simple Home Remedies
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in
उम्र बढ़ने के साथ-साथ बालों का सफेद होना बेहद स्वाभाविक है लेकिन बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और खानपान की गड़बड़ी जैसी बहुतेरे बदलावों के फलस्वरूप बालों का कम उम्र में सफेद हो जाना आज हर चार में से एक व्यक्ति की समस्या तो है ही। For More Visit https://www.doctorfit.co.in
आप बालों की लाख कलरिंग कर लें, डाइ से छुपा लें या सफेद बाल हटा लें, ये सब आपकी समस्या का प्रभावी हल कभी नहीं हो सकते हैं। इसके लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि इस समस्या की जड़ क्या है, तो ही इससे निपटने में आपको आसानी होगी।
क्यों होते हैं समय से पहले सफेद बाल
समय से पहले बाल सफेद होने के पीछे कोई एक कारण हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इस समस्या के पीछे इन संभावित कारणों में से कुछ भी आपके बालों को समय से पहले सफेद कर सकता है।
- खानपान में गड़बड़ी की समस्या से भी बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं। विटामिन बी, आयरन, कॉपर और आयोडीन जैसे तत्वों की कमी से अक्सर यह समस्या होती है।
- जो लोग छोटी-छोटी बातों पर बहुत अधिक तनाव लेते हैं उनके बाल भी कम उम्र में ही सफेद हो जाते हैं। इतना ही नहीं, जिन्हें घबराहट, पैनिक अटैक, डर, जलन आदि समस्याएं बहुत अधिक होती हैं, उनके साथ भी यह समस्या अधिक होती है।
- कुछ लोगों को यह समस्या अनुवांशिक रूप से होती है। ऐसी स्थिति में इस समस्या से निपटा बेहद मुश्किल होता है।
- जो लोग अपनी स्वच्छता में अक्सर कोताही बरतते हैं उन्हें भी यह समस्या अधिक होती है। खासतौर पर अगर बालों की सफाई सही तरीके से नहीं होती है, तो भी यह समस्या हो सकती है।
- लंबे समय तक बीमार रहने वाले लोगों के बाल भी जल्द सफेद होते हैं।
- पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण से भी कम उम्र में बाल सफेद होते हैं।
- बहुत अधिक केमिकल वाले शैंपू, केमिकल डाइ या रंग और महक वाले तेल से भी बाल सफेद होते हैं।
रुटीन में लाएं ये बदलाव
कम उम्र में बाल सफेद होने से कुछ हद तक रोकना हैं तो अपनी जीवनशैली में ये बदलाव जरूर करें।
- स्वस्थ और संतुलित डाइट लें। विटामिन बी से भरपूर भोजन, दही, हरी सब्जियां, गाजर, केला आदि का सेवन करें। इनसे सिर में रक्त का प्रवाह ठीक होता है और बाल बेजान नहीं होते।
- केमिकल हेयर कलर और डाइ से दूर रहें। कई बार इनके इस्तेमाल से कुछ समय के लिए भले ही आपके बाल काले दिखते हों लेकिन दोगुनी तेजी से बाल सफेद भी होते हैं।
- अगर आप बहुत तेज महक वाले तेल का इस्तेमाल करते हैं तो इनकी जगह नारियल या सरसो के तेल का इस्तेमाल करें। इससे बालों की रंगत लंबे समय तक बरकरार रहेगी।
- जिस तरह धूप में निकलने से पहले आप अपनी त्वचो को स्टोल या स्कार्फ से ढंकते हैं, उसी तरह बालों को भी प्रदूषण से बचाना जरूरी है। ट्रैफिक के बीच बालों को कवर करके रखें।
- बाल लंबे समय तक अपनी रंगत न खोएं इसके लिए आप बेझिझक होकर आंवला, शिकाकाई आदि का उपयोग करें। आंवले को न सिर्फ डाइट में शामिल करें बल्कि मेंहदी में मिलाकर या घोल बनाकर बालों की कंडिशनिंग करते रहें। चाहे तो आंवले को बारीक काट लें और गर्म नारियल तेल में मिलाकर सिर पर लगाएं। इससे भी बाल सफेद नहीं होंगे।
- कढ़ी पत्ता खाने से भी बाल जल्दी सफेद नहीं होते। भोजन में कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल भी करें। आंवले की तरह ही कढ़ी पत्ते को भी को बारीक काट लें और गर्म नारियल तेल में मिलाकर सिर पर लगाएं।
-नैचुरल हेयर डाइ का इस्तेमाल करें जैसे मेंहदी, चायपत्ती का पानी, चुकंदर का रस। इनसे बालों को जरूरी तत्व भी मिलेंगे और इनका रंग भी बरकरार रहेगा।
आप पांच घरेलू उपचार अपना सकते हैं-
1. आंवला:
आंवला बालों के लिए बेहद खास है और आपके सफेद होते बालों को रोकने में मददगार भी यही वजह है कि शैंपू और बाल उत्पादों को भी एक मुख्य घटक के रूप में आंवला होता हैं। आप नारियल के तेल में आंवला के कुछ टुकड़े उबाल लें जब तक वे काले रंग के नहीं हो जाते फिर उसे अपने बालों की जड़ों में कुछ घंटों के लिए लगा रहने दें इसके अलावा आप साथ में आंवले का रस भी पी सकते हैं।
2. प्याज:
प्याज झड़ते बालों के लिए और सफेद बालों को रोकने के लिए काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि प्याज में कैटालेस एंजाइम का अच्छा स्रोत है और सालों से इसका इस्तेमाल हो रहा है। आप या तो अपने सिर पर आधे कच्चे प्याज रगड़ लें या प्याज का रस बालों में लगा लें और फिर एक घंटे के भीतर शैम्पू के साथ सामान्य रूप से अपने बालों को धो लें।
3. हिना:
मेंहदी सफेद बालों के लिए काफी आम उपचार है जो सफेद बालों से निजात दिलाता है। अगली बार जब आप अपने सिर पर मेंहदी लगाते हैं तो इस मिश्रण में कुछ अरंडी का तेल और नींबू का रस मिला लें और एक घंटे के लिए छोड़ दें और इसे धो लें।
4. मेथी के बीज:
मेथी के बीज जो कि ओवरऑल हेल्थ के लिए एक अद्भुत पूरक हैं इसका इस्तेमाल सफेद बालों के इलाज करने के लिए भी किया जाता है बस पीने के पानी में कुछ मेथी के बीज उबाल लें और रोज एक गिलास पी लें या फिर आप मेथी के बीज और पानी का एक पेस्ट बनाकर अपने बालों की जड़ों पर लगा सकते हैं।
5. तिल के बीज:
कहते हैं कि अच्छी चीजें छोटे साइज में आतीं हैं और सब जानते है कि जितनी चीजें जितनी छोटी होती हैं उतनी ही फायदेमंद हो सकती है? सफेद बालों के इलाज के लिए तिल के बीज काफी कारगर हैं आपको कुछ तिल के बीज पीसकर उसे बादाम के तेल के साथ मिक्स कर लें और अपने सिर पर लगाएं और लगभग आधे घंटे के लिए छोड़ दें फिर उसे धो लें।
# समय से पहले सफेद होते बालों को बचाने के पांच घरेलू Tips!,# Keep Those Premature Grey Hair at bay with these five Simple Home Remedies,# समय से पहले बाल सफेद हो रहे हैं तो अपनाएं ये उपाय,#crazy india,#health solution,#health tips,#how to cure hair problems with home remedy,#ayurveda for healthy life,#beat hair solution with home remedy in ayurveda,#home remedy for stop hair loss,#how to get rid from hair loss solution with home remedy,#stop hair loss with five amazing home remedy,#amazing home remedy for hair,#hair solution,#hair solution home remedy,
Channel Link :- https://www.youtube.com/c/crazyindiahealth

Saturday, 1 October 2016

Vastu Tips नही होना चाहते गरीब तो जरूर करे यह एक काम

Vastu Tips नही होना चाहते गरीब तो जरूर करे यह एक काम 
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in
शस्त्रो के अनुसार झाड़ू को धन की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक मानते हुए झाड़ू को उचित और साफ सुथरी जगह पर रखने को कहा गया है कहते ही की नियमित रूप से प्रात और सांय काल में घर और कार्यस्थल की झाड़ू से सफाई करने से स्वछता के साथ धन की प्राप्ति भी होती है For More Visit http://www.doctorfit.co.in
यही वजह है की सुबह झाड़ू लगाने की परम्परा घरो में है जिन घरो में नियमित रूप से झाड़ू नही लगाई जाती है वहा पर दरिद्रता निवास करती है झाड़ू को महालक्ष्मी का प्रतीक मानने वालो के अनुसार झाड़ू को कभी भी पैर नही लगाना चाहिए झाड़ू का उपयोग पूरा होने के बाद उसे किसी ऐसे सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए जहाँ इस पर किसी की नजर न पड़े
माना जाता है की अपवित्र गन्दे और पानी वाले स्थान पर झाड़ू को नही रखना चाहिए दीवार के सहारे भी झाड़ू को खड़ी नही रखते घर दुकान या कार्यस्थल आदि की सफाई में काम आने वाले झाड़ू से भूक कर भी सड़क नाली या मल मूत्र की सफाई नही करनी चहिये घर के किसी सदस्य या मेहमान के जाने के तुरन्त बाद झाड़ू लगाना अशुभ माना जाता है
# Vastu Tips नही होना चाहते गरीब तो जरूर करे यह एक काम ,#asrdar totke,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#vastu tips for money,#vastu tips for wealth creation,#vastu for money,#money vastu,#vastu importance for human life,#vastu for human,#vastu tips for happy life,#astrology,#astronomy,#astrology tips for wealth creation,#astrology tips for money,#money astrology,#astrology tips for human life,#astrology tips for happy life,#astrology tips for human,#how to cure health problems solution with home remedy,#how to get rid from health problems solution with home remedy,
Channel Link:- https://www.youtube.com/channel/UCGy6Sl8xIUXVGY9WJjBsrxA

Friday, 30 September 2016

नारियल से तुरंत पता करें अपना ब्लड ग्रुप know your blood group instantly...

नारियल से तुरंत पता करें अपना ब्लड ग्रुप know your blood group instantly with coconut in hindi
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in

हम अपना ब्लड ग्रुप टेस्ट करवाने के लिए हॉस्पिटल या किसी ब्लड कैंप में जाते है, पर सोचिये अगर हमें अपने ब्लड ग्रुप का पता घर बैठे ही चल जाए और कहीं जाना ही न पड़े तो कितना अच्छा होगा! जी हां मात्र एक नारियल से आप अपने ब्लड ग्रुप की जांच कर सकते है! विश्वास नहीं हो रहा है तो आइए इस आर्टिकल के माध्यम से इस विषय में विस्तार से जानकारी लेते हैं। For More Visit http://www.doctorfit.co.in

नारियल से ब्लड ग्रुप की जांच

नारियल खाने, पीने और पूजा के दौरान चढ़ाने तीनों में काम आता है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि नारियल से आप अपने ब्लड ग्रुप के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे की ये कैसे हो सकता है? भला नारियल की मदद से कोई ब्लड ग्रुप कैसे चेक कर सकता है? लेकिन यह सच है, एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि नारियल की मदद से आप अपना ब्लड ग्रुप जान सकते हैं। आइए जानें नारियल से कैसे अपना ब्लड ग्रुप पता लगाया जा सकता है।

क्या कहता है शोध

नारियल से ब्लड ग्रुप की बात पर रिसर्च करने के बाद इस बात पर मुहर लगाई है कि एक नारियल की मदद से आपका ब्लड ग्रुप पता चल सकता है। शोध के अनुसार 5 ब्लड ग्रुप, ए पॉजिटिव, एबी पॉजिटिव, बी पॉजिटिव, ओ पॉजिटिव और ओ निगेटिव को वह नारियल की मदद से पहचान सकते हैं। बाकी तीन ब्लड ग्रुप पर अभी जांच चल रही है।

शोध का नतीजा

नारियल से ब्लड ग्रुप की जांच करने के लिए किसी भी व्यक्ति के सिर से थोड़ा ऊपर हथेली में नारियल लें। आप देखेंगे थोड़ी देर में नारियल एक अलग दिशा में मुड़ जाएगा।

• ‘ए’ पॉजीटिव ब्लड ग्रुप होने पर नारियल 45 डिग्री की पोजिशन में मुड़ जाएगा।

• वहीं ‘एबी’ पॉजीटिव में 45 से 55 डिग्री पर मुड़ जाएगा।

• जबकि ‘बी’ पॉजीटिव में 60 डिग्री और ‘ओ’ पॉजीटिव में 90 पर मुड़ जाएगा।

• ‘ओ’ नेगेटिव में 180 डिग्री की पोजीशन अपने आप ले लेगा।

शरारती बच्चों को शांत करने के लिए मजाक-मजाक में किए गए इस परीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ बच्चों के सिर से थोड़ा ऊपर हथेली पर रखा नारियल 90 डिग्री में खड़ा हो गया। लैब में बच्चों का ब्लड ग्रुप चेक कराया तो वो ओ पॉजीटिव निकला। अब आप ही बताइये कि अगर इस तरीके से जांच हो सकती है तो आप हॉस्पिटल की भागदौड़ से भी बच जाएंगे और आसानी से ब्लड टेस्ट भी हो जायेगा! अब इस बात में कितनी सच्चाई है वो तो इसे प्रयोग करने के बाद ही पता चलेगा पर अगर इसमें सच्चाई है तो ये वाकई लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

# नारियल से तुरंत पता करें अपना ब्लड ग्रुप ,#know your blood group instantly with coconut in hindi,#dekho samjho seekho,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#how to cure health problems solution with home remedy,#ayurveda for healthy life,#how to get rid from health problems solution with home remedy,#amazing home remedy for health problems solution with home remedy,#how to check blood group with coconut,#coconut blood group check,

Video Link:- https://youtu.be/wRmZOER2Rqo

Channel Link:- https://www.youtube.com/channel/UChBp2SToznDxwVfRrPwMkPQ

इन चीजों को आंखों में कभी नहीं लगाना चाहिए आइये जाने क्यों Top Things Yo...

इन चीजों को आंखों में कभी नहीं लगाना चाहिए आइये जाने क्यों Top Things You don’t Put in Your Eyes in hindi
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in



कुछ लोग आंखों के लिए कांटेक्ट लेंस, आई ड्रॉप, आई मेकअप आदि का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन चीजों से आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है।For More visit http://www.doctorfit.co.in

. 1 इन चीजों को आंखों में लगाने से बचें

आंखें मनुष्य के लिए प्रकृति की सबसे सुंदर और अनमोल देन है। आंख हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसके ना होने पर हम अपने जीवन का कोई भी कार्य नहीं कर सकते या हम कह सकते हैं कि आंखों के बिना हमारा जीवन ही नहीं। आंखे शरीर का बहुत नाजुक हिस्सा भी होती है। गलती से आंखों में कुछ चले जाने से पर हम बेचैन हो जाते है। कुछ लोग तो आंखों के लिए गुलाब जल, आई ड्रॉप, आई मेकअप आदि का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन चीजों से आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। आइए ऐसी ही कुछ चीजों की जानकारी लेते हैं जो आंखों में लगाने से बचना चाहिए।

2 कांटेक्ट लेंस लगाना

आजकल की व्यस्तता और भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने स्वास्थ्य से ज्यादा बाहरी सौंदर्य को महत्व देना शुरू कर दिया है। इसी जीवन शैली में आंखों के स्वास्थ्य के लिए एक नया प्रयोग शुरू हुआ है जिसका नाम है कांटेक्ट लेंस। ये कांटेक्ट लेंस चश्मों के विकल्प के रूप में सामने आया है। आंखों की खूबसूरती में इजाफा करने वाले ये कान्टैक्ट लेंस कई बार आंखों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। आंखें शरीर का बहुत संवेदनशील हिस्सा हैं। थोड़ी सी चूक आपकी आंखों के लिए खतरनाक हो सकती है। कान्टैक्ट लेंस का प्रयोग करने में आपको काफी सर्तकता बरतनी पड़ती है। उसकी साफ-सफाई का विशेष खयाल रखना पड़ता है, नहीं तो आंखो में संक्रमण हो सकता है। इसलिए इनका सही तरह से इस्तेमाल करें। सोने या नहाने से पहले इन्हें उतार लें। रोजाना गंदे कांटेक्ट लेंस पहनने से आई इन्फेक्शन भी हो सकता है। अगर आपको पहले से इन्फेक्शन है, तो कांटेक्ट लेंस लगाने से बचें।

3 आई ड्रॉप

आंखों में किसी तरह की समस्या होने पर हम केमिस्ट से आई ड्रॉप खरीद कर आंखों में डाल लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आई ड्रॉप के गलत या ज्यादा इस्तेमाल आपकी आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। डॉक्टर की सलाह बिना कभी भी आई ड्रॉप ना खरीदें। आंखों में दवा को डालने से पहले उस पर दी एक्सपायरी डेट को जरूर चेक कर लेना चाहिए। और उपचार के बाद अगर उसमें कुछ बूंदें बच गई हैं, तो उसे किसी सुरक्षित जगह पर रख देना चाहिए। लेकिन कई दवाएं ऐसी होती है, जिनका इस्तेमाल एक महीने अंदर किया जाता हैं। इस बात का हमेशा ध्यान रखें इस तरह की ड्रॉप के लंबे समय तक इस्तेमाल से आपको मोतियाबिंद भी हो सकता है।

4 आई मेकअप और मेकअप साफ करने के लिए कॉटन बड्स

आजकल जितना जरुरी मेकअप लगाना है उठना ही जरुरी मेकअप उतारना भी हो गया है क्योंकि अधिक देर तक चेहरे पर मेकअप रहना हमारी त्वचा के लिए उचित नही होता। चेहरे पर मेकअप लगाकर सोने से त्वचा के रोमछिद्र बन हो जाते हैं, जिससे त्वचा पर कई समस्याएं होने लगती हैं। महिलाएं आंखों के मेकअप को साफ करने के लिए कॉटन बड्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि आई मेकअप रिमूव करने के लिए कॉटन बड्स का इस्तेमाल आंखों को चोटिल कर सकता है। इसलिए सॉफ्ट टिश्यु पेपर का इस्तेमाल करें। आई मेकअप लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। वहीं मेकअप इस्तेमाल करें, जो आपको सूट करता है। काजल, आई लाइनर जैसे प्रोडक्ट आंखों में नहीं जाने चाहिए क्योंकि इससे आंखों में जलन, लालिमा और खुजली हो सकती है।

5 गंदे हाथों से आंखों को मलना

कई लोग बार-बार उंगलियों से आंखों पर खुजली करते रहते हैं। गंदी उंगलियों से मलने से आंखों में खुजली और लाली आ सकती है। आंखों में प्रॉब्लम की एक वजह आंखों में गंदगी जाना और गंदे हाथों से आंखों को मलना भी हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की एलर्जी से बचने के लिए आंखों को गंदी उंगलियों से मलने से बचना चाहिए।

# इन चीजों को आंखों में कभी नहीं लगाना चाहिए आइये जाने क्यों,# Top Things You don’t Put in Your Eyes in hindi,#crazy media,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#how to cure health problems solution with home remedy,#how to get rid from health problems solution with home remedy,#ayurveda for healthy life,#amazing home remedy for eyes problems solution in ayurveda,#amazing home remedy for health,#healthy life solution in ayurveda,eyes problems solution,

Video Link:- https://youtu.be/dMpES1sB1Ts

Channel Link: - https://www.youtube.com/channel/UC2M2icYICRFqUV5HuY9dOqQ

मधुमेह का काल है आम के पत्ते Just Boil These Leaves And Solve Your Probl...

मधुमेह का काल है आम के पत्ते – Suffering from Diabetes? Just Boil These Leaves And Solve Your Problem Without Medications!
Download our Mobile App for all Video: - https://goo.gl/txgp3K
Find us on Facebook: - https://facebook.com/healthsolution.co.in
मधुमेह यानि डाइबिटीज Diabetes को कौन नहीं जानता. पेशाब के साथ चीनी जैसा मीठा पदार्थ निकलना मधुमेह कहलाता है | यह एक गंभीर बीमारी है जिसे धीमी मौत (साइलेंट किलर – Silent Killer ) भी कहा जाता है। संसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में। इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती। यदि यह ग्लूकोज का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान पहुँचाना शुरू कर देता है। For More Visit http://www.doctorfit.co.in
डाइबिटीज के मुख्य कारण : Causes of Diabetes
हमारे शरीर में पाए जानेवाले इंसुलिन नामक हार्मोन की कमी से यह रोग हो जाता है। इंसुलिन का कार्य हमारे शरीर में शर्करा के प्रयोग को नियंत्रित करना है। जब हम शक्कर या शर्करा तथा स्टार्चयुक्त भोजन करते हैं तो हमारा पाचन संस्थान इन्हें विखंडित करके ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है, जो बड़ी सरलता से हमारे रक्त में मिलकर शरीर को ऊर्जा देने का कार्य करता है। इंसुलिन हार्मोन इसी ग्लूकोज को रक्तप्रवाह में सोखने के लिए शरीर की मदद करता है। इस प्रक्रिया के पश्चात भी यदि शुगर की मात्रा बच जाए तो वो ग्लाइकोजन के रूप में हमारे यकृत में जमा हो जाती है, जो बाद में वसा के रूप में बदल जाती है।
अग्नाशय जब इंसुलिन की उतनी मात्रा उत्पन्न नहीं कर पाता जितनी आवश्यकता रक्त से शर्करा के अवशोषण हेतु चाहिए, तब इस रोग की उत्पत्ति होती है। इसीलिए मधुमेह के अधिकतर रोगी मोटापे के भी शिकार होते हैं। मधुमेह आनुवंशिक रोग भी है तथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसका संचार होता रहता है।
• शारीरिक ब्यायाम नहीं करना
• मोटापा
• जरूरत से अधिक भोजन करना
• खराब जीवन शैली
डाइबिटीज के मुख्य लक्षण : Symptems of Diabetes
मधुमेह दो प्रकार का होता है-इंसुलिन निर्भर मधुमेह व गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह। इंसुलिन निर्भर मधुमेह तब होता है जब शरीर में इंसुलिन का उत्पादन पूर्णत: रुक जाता है। इस प्रकार का मधुमेह सामान्यतया किशोरावस्था से ही शुरू हो जाता है। यह रोग बड़ी तीव्र गति से पैदा होता व बढ़ता है। रोग लगने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति स्वयं को बेहद कमजोर महसूस करने लगता है। उसके मूत्र की मात्रा में बढ़ोतरी हो जाती है व उसे प्यास बहुत लगने लगती है। रोगी का वजन तेजी से कम होता जाता है। मस्तिष्क पर उदासी छाने लगती है। यह स्थिति इस बात की परिचायक है कि अब रोगी का तुरंत इलाज करवाया जाना चाहिए अन्यथा उसकी हालत इतनी गंभीर हो सकती है कि वो अपने होशो-हवास ही खो बैठे तथा चेतनाहीन अवस्था में चला जाए।
गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह की तीव्रता कम होती है। चूंकि इस अवस्था में शरीर में इंसुलिन का निर्माण पूर्णतया बंद नहीं होता, सिर्फ कम ही होता है, इसलिए इस अवस्था की तीव्रता प्रथम श्रेणी के मधुमेह से कम आंकी जाती है। यह रोग सामान्यत: 35-40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को होता है, मोटापे के शिकार व्यक्तियों में यह रोग जल्दी ही घर कर लेता है। इस रोग में थकान, प्यास, मूत्राधिक्य जैसे शुरुआती लक्षणों को प्रकट होने में कुछ वक्त लगता है। थकावट, धुंधली दृष्टि तथा शरीर में सूइयां चुभने का अहसास इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। मधुमेह के रोगी का पेशाब शहद की भांति गाढ़ा, लिसलिसा, मीठा तथा पिंगलवर्ण का होता है। रोगी के शरीर से मीठी-मीठी सी गंध आती है। रोग जब बढ़ जाता है तो रोगी के शरीर में अनेक प्रकार की पुंसियां उत्पन्न हो जाती हैं
• बहुत ज्यादा भूख और प्यास लगना
• बार बार पेशाब जाना
• घाव नहीं भरना
• त्वचा का सूखना
उपचार
आंवलाः मधुमेह के रोगियों के लिए विटामिन ‘सी’ की प्रचुर मात्रा के कारण आंवला बेहद उपयोगी माना जाता है। यदि मधुमेह का रोगी आंवला व करेले का रस मिलाकर प्रतिदिन पीता रहे तो इससे उसके शरीर में इंसुलिन की तथा रक्त में शर्करा की भी पूर्ति होती रहती है। मधुमेह के रोगी आंवला, जामुन की गुठली तथा करेले का चूर्ण बनाकर नित्य एक चम्मच लें तो काफी लाभ होता है।
विशेषः कुछ लोग आंवले के रस में शहद मिलाकर पीने की सिफारिश करते हैं। कई वैद्य व प्राकृतिक चिकित्सक भी यह सलाह देते हैं, परंतु इस संबंध में हमने प्राचीन ग्रंथों की मदद ली तथा उस पर चिकित्सकों की राय जानी तो पाया कि आंवले के रस में शहद मिलाकर पीना सर्वथा हानिकारक है। हालांकि यह शोध का विषय है किन्तु पाठक इस बहस में पड़े बिना इस योग का सेवन न करें तो बेहतर होगा।
आमः मधुमेह यदि प्रारंभिक स्थिति में हो तो आम के कोमल पत्तों का रस अथवा प्रात:काल उनका काढ़ा बनाकर पीएं। इससे रोग आगे नहीं बढ़ेगा तथा गंभीर रूप धारण नहीं करेगा। आम के पत्तों को सुखाकर उनका चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार लेने से निश्चित रूप से लाभ होता है। आम व जामुन का रस समान मात्रा में मिलाकर पीने से मधुमेह में काफी लाभ होता है। आम की गुठली का चूर्ण बनाकर तीन ग्राम की मात्रा में दिन में 3-4 बार पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा की मात्रा कम होती है व मधुमेह के रोगी की प्यास शांत होती है।
चकोतराः यदि चकोतरा काफी मात्रा में लिया जाए तो मधुमेह के पूर्णत: समाप्त होने की प्रबल संभावना रहती है। चकोतरे के सेवन से शरीर में स्टार्च की मिठास और वसा में कमी आती है जो मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है| मधुमेह के रोगियों को 2-3 चकोतरे नित्य खाने कि सलाह दी जाती है।
केलाः खूब पककर गलने पर काले पड़ गए केले एकत्र करके उनका छिलका उतारकर हाथों से मसलकर तरल लुआब जैसा बना लें। फिर उसमें आधा भाग चावल की भूसी मिलाकर 2-3 दिन गरम जगह पर रख दें। चौथे दिन किसी पात्र में सबको रखकर पात्र को टेढ़ा करके थोड़ी देर तक रखा रहने दें। केले का रस निथर कर अलग हो जाएगा। इसका नियमित सेवन करने से मधुमेह से छुटकारा पाया जा सकता है। अमरूदः अमरूदों को बारीक काटकर और कटे टुकड़ों को जल में डालकर कुछ देर तक रहने दें और उस जल को छानकर पीएं। इससे रोगी की तृषा दूर हो जाएगी।
पपीताः पपीता, कत्था, खैर तथा सुपारी के काढे का सेवन इस रोग से मुक्ति दिला देता है। यह चमत्कारी योग है।
गाजर : गाजर का रस 310 ग्राम तथा 185 ग्राम पालक का रस मिलाकर पीने से मधुमेह में काफी आराम मिलता है।
शलगमः नित्य शलगम की सब्जी खाने से काफी लाभ होता देखा गया है।
नीबूः मधुमेह के रोगी को प्यास अधिक लग रही हो तो पानी में नीबू निचोड़कर पिलाने से लाभ होता है।
बेल: बेल के साथ नीम के पत्ते चबाने से लाभ होता है। बेल के 20-25 पत्ते तोड़कर कुछ देर पानी में डाल दें, फिर पानी से निकालकर उन्हें चटनी की तरह बारीक पीस ले व पुन: पानी में मिलाकर पी जाएं सुबह-शाम यह उपचार करें, तुरंत लाभ होगा। रात को डोडा पनीर के पंद्रह दाने पानी में भिगोकर रख दें। सुबह बेलपत्र का रस मिलाकर काढ़ा बनाकर पीएं। कुछ समय तक नियमित प्रयोग से मधुमेह जड़ से नष्ट हो जाएगा।
आज हम मधुमेह के मरीजों के लिए एक आसान पर चमत्कारी घरेलू नुख्सा लेकर आये है | यह उपाए बेहद आसान है इसमें इस्तेमाल होने वाली औषधि विटामिन , मिनरल और कई और गुणों से भरपूर है जो आपको मधुमेह के साथ साथ कई और भी लाभ प्रदान करेगी | इस्तेमाल होने वाली औषधि का नाम है ‘आम के पत्ते ’ |
Mango Leaves Can Treat Diabetes
विधि / इस्तेमाल
• पहले आम की 10-15 कोमल पत्तियां लेकर उनेह पानी के साथ किसी बाउल – Bowl में डाल कर उबलने के लिए आग पर रखिये |
• जब वे उबल जाए तो इस मिश्रण को सारी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दें |
• दूसरी सुबहे इस मिश्रण को पुन लीजिये |
रोजाना खाली पेट इस मिश्रण का सेवन करने से 2-3 महीनों के भीतर नतीजे आपके सामने आ जायेगे |
# मधुमेह का काल है आम के पत्ते – Suffering from Diabetes? ,#Just Boil These Leaves And Solve Your Problem Without Medications!,#Crazy india,#health solution,#health tips,#www.doctorfit.co.in,#how to cure diabetes with home remedy,#diabetes solution with home remedy,#how to get rid from diabetes with home medicine,#amazing home remedy for diabetes,#diabetes,#how to control blood sugar level,#cure diabetes with home remedy,#diabetes diet plan,# Mango Leaves Can Treat Diabetes,#diabetes solution in ayurveda,
Channel Link:- https://www.youtube.com/channel/UCVfOWUs72GO6Eq5lm9sz71A