Monday, 8 January 2018

सुबह 1 गिलास पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिए,गठिया, मधुमेह, कैन्सर जै...

हल्‍दी का प्रयोग लगभग सभी प्रकार के खाने में किया जाता है। यह व्यंजनों के स्वाद में तो इजाफा करती ही है साथ ही इसमें अनेक औषधीय गुण भी होते हैं। यह गर्म और रूखी होती है। त्वचा, पेट और शरीर की कई बीमारियों में हल्दी का प्रयोग किया जाता है। गुणकारी हल्‍दी के अलग-अलग लाभ उठाने के लिए आपको किसी वैद्य या विशेषज्ञ की शरण में जाने की जरूरत नहीं है। अपने घर पर ही छोटे-छोटे प्रयोग कर इसके अलग-अलग लाभ उठाए जा सकते हैं। वैसे तो आमतौर पर देखा गया है कि लोग उठते ही गर्म पानी या फिर निम्बू पानी का सेवन करते है जिससे कि उनका पेट साफ़ हो और खुल कर शरीर की गंदगी बाहर निकल जाए वैसे तो ये है ही फायदेमंद, मगर यदि इसमें थोड़ी सी हल्दी यदि मिक्स कर दी जाए तो इसके गुणों में भारी इजाफा हो जाता है

खाली पेट इसके 5 पत्तों को 1 गिलास गर्म पानी के साथ लेने से गठिया और जोड़...

दोस्तों अगर किसी को अर्थराइटिस की शिकायत है  अर्थराइटिस के मरीजों को कई बार हद से ज्यादा तकलीफ भी हो सकती है. बहुत सरे इसे लोग भी है, जिनको 20 साल से तकलीफ है. ऐसे भी कंडीशन हो सकती है कि वह दो कदम भी न चल सके, हाथ भी ना हिला सके. उनको इतना दर्द होता है तो वह लेटे रहते हैं बेड पर और करवट भी नहीं बदल पाते. इस कंडीशन के मरीजों के लिए एक स्पेशल मेडिसिन है

Sunday, 7 January 2018

इसके सिर्फ 2 दाने रोज खाने से शारीरिक कमजोरी जड़ से मिट जाती, मांसपेशियाँ...

तालाब, झीलों और दलदली क्षेत्र के पानी में उगने वाला मखाना पोषक तत्वों से भरपूर जलीय उत्पाद है। मखाने का इस्तेमाल तरह तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है। खाने में स्वादिष्ट मखाना कई तरह के आवश्यक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एक तरह का ऐसा एंजाइम  पाया जाता है जो बुढ़ापे को कम करता है। मखाना प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक जैसे खनिज और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। मखाना तालाब, झील, दलदली क्षेत्र के शांत पानी में उगये जाते। मखाना पोषक तत्वों से भरपुर एक जलीय उत्पाद है। मखाने में 9.7% आसानी से पचनेवाला प्रोटीन, 76% कार्बोहाईड्रेट, 12.8% नमी, 0.1% वसा, 0.5% खनिज लवण, 0.9% फॉस्फोरस एवं प्रति 100g 1.4 mg लौह पदार्थ मौजूद होता है। इसमें औषधीय गुण भी होता है।

Saturday, 6 January 2018

खाली पेट गलती से भी न खाएं ये चीजें, हो सकता है सेहत को गंभीर नुकसान Av...

सेहतमंद रहने के लिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि खाली पेट क्या खाएं और क्या नहीं? जानिए कौन सी चीजें खाली पेट लेने पर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

मिर्च-मसालेदार खानाखाली पेट कभी भी चटपटा, मिर्च मसाले वाला खाना नहीं खाना चाहिए। ये पेट का हाजमा बिगाड़कर एसिडिटी का कारण बन सकते हैं।

रात को सोते वक़्त इसको गाय के घी में मिलाकर पैरों के तलवे पर लगाए फिर दे...

जायफल रूचि उत्पन्न करनेवाला, जठराग्नि, प्रदीपक तथा कफ और वायु का शमन करनेवाला है | जायफल जितना वयस्कों के लिए हितकर है, उतना ही बालकों के लिए भी हितकर है | यह ह्रदयरोग, दस्त, खाँसी, उलटी, जुकाम आदि में लाभदायी है |यूनानी मतानुसार जायफल पेशाब लाने वाले, दुग्धवर्धक, नींद लाने वाले, पाचक व पौष्टिक होते हैं | वजन में हलके, पोले और रूखे जायफल कनिष्ठ और बड़े, चिकने व भारी जायफल श्रेष्ठ माने जाते हैं

Wednesday, 3 January 2018

सर्दी खासी और बुखार से मात्र एक दिन में छुटकारा पाए Get Rid of Cold Coug...

सर्दी खांसी,जुकाम और बुखार से मात्र 1 दिन में छुटकारा पाने का घरेलू उपाय  Home Remedy To Get Rid Of Cough And Cold, flu,Common Cold

खांसी जुकाम एलर्जी सर्दी आदि के लिए जिसे आप घर पर बना सकते है इसके लिए आपको चाहिए तुलसी के पत्ते, तना और बीज तीनो का कुल वजन 50 ग्राम इसके लिए आप तुलसी के ऊपर से तोड ले इसमें बीज तना और तुलसी के पत्ते तीनो आ जाएंगे इनको एक बरतन में डाल कर 500 मिलि पानी डाल ले और इसमें 100 ग्राम अदरक और 20 ग्राम काली मिर्च दोनो को पीस कर डाले और अच्छे से उबाल कर काढे और जब पानी 100 ग्राम रह जाए तो इसे छान कर किसी कांच की बोतल में डाल कर रखे इसमे थोडा सा शहद मिला कर आप इसके दो चम्मच ले सकते है ...

Monday, 1 January 2018

गठिया का है ये शर्तिया इलाज़, ना हो यकीन तो आजमाएं सिर्फ 4 हफ़्ते Treatme...

गठिया (Gout) या वातरक्त एक सामान्य रोग है जिसमें रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और चुभन जैसी तेज पीड़ा होती है। यह रोग रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से होता है,जिसका प्रमुख कारण यूरिक एसिड अपचयन (Metabolism) से है। जोड़ हड्डियों से बने होते हैं जो एक कैप्सूल यानि संपुट में होते हैं। इस कैप्सूल के ऊतक (Tissue) एक प्रकार का चिकना द्रव्य बनाते हैं जिसे सायनोवियल फ्लूड (Sinovial Fluid) कहा जाता है।