Friday, 22 July 2016

पर्स में नहीं रखें यह पांच चीजें बढ़ती है धन परेशानी | Vastu Tips For W...

पर्स में नहीं रखें यह पांच चीजें बढ़ती है धन परेशानी

आपकी जेब में पर्स तो हमेशा रहता होगा और आप चाहते होंगे कि आपका पर्स हमेशा रुपयों से भरा रहे। लेकिन आपके पर्स में रुपये ठहरे इसके लिए आपको पर्स से जुड़ी कुछ बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि पर्स में रुपयों का ठहरना तभी संभव होता है जब आपके ऊपर देवी लक्ष्मी की कृपा होती है। इसलिए पर्स रखें तो इन पांच बातों का हमेशा ध्यान रखें।



सबसे पहली बात तो यह है कि आपका पर्स फटा हुआ नहीं होना चाहिए। फटा हुआ पर्स आर्थिक नुकसान करने वाला माना जाता है। इसीलिए पर्स फटे तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।



पर्स का संबंध धन है न कि कागजातों से। इसलिए अपने पर्स में धन रखें। बहुत से लोग पुराने रसीद, बिल भी पर्स में रखे रहते हैं। इनसे पर्स में धन का ठहराव कम हो जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पुराने कागजात और रद्दियों पर राहु का प्रभाव होता है इसलिए इन्हें पर्स में जमा करके न रखें।



खाने पीने की चीजें जैसे चॉकलेट, टॉफी, पान मसाला अपने पर्स में नहीं रखें।



पर्स में दवाईयां, कैप्सूल, टेबलेट रखना भी धन के लिए शुभ होता है। वास्तु विज्ञान के अनुसार यह नकारात्मक उर्जा बढ़ाने का काम करते हैं।



वॉलेट में लोहे की वस्तुएं जैसे चाकू, ब्लेड नहीं रखें। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार तांबे, चांदी की चीजें वॉलेट में रखना लाभप्रद होता है।

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स्वस्थ रहने के 20 सुनहरे नियम Swasth Rahne ke niyam | Amazing 20 Golden ...

स्वस्थ रहने के 20 सुनहरे नियम । Swasth Rahne ke niyam

आज कल की अवयवस्थित जीवन शैली ही अनेक रोगों का मूल कारण है, अगर थोड़ा सा बदलाव कर लिया जाए तो अनेक रोगों से मुक्ति बिना दवा के पायी जा सकती है। आइये जानते है ये सुनहरे नियम। For More Visit https://www.healthtreatment.in

1. आजकल बढ़ रहे चर्म रोगों और पेट के रोगों का सबसे बड़ा कारण दूधयुक्त चाय और इसके साथ लिया जाने वाला नमकीन है.

2. कसी हुई टाई बाँधने से आँखों की रोशनी पर नकारात्मक प्रभाव होता है

3. अधिक झुक कर पढने से फेफड़े,रीढ़,और आँख की रौशनी पर बुरा असर होता है

4. अत्यधिक फ्रीज किये हुए ठन्डे पदार्थों के सेवन से बड़ी आंत सिकुड़ जाती है.



5. भोजन के पश्चात स्नान स्नान करने से पाचन शक्ति मंद हो जाती है इसी प्रकार भोजन के तुरंत बाद मैथुन, बहुत ज्यादा परिश्रम करना एवं सो जाना पाचनशक्ति को नष्ट करता है.



6. पेट बाहर निकलने का सबसे बड़ा कारण खड़े होकर या कुर्सी मेज पर बैठ कर खाना और तुरंत बाद पानी पीना है. भोजन सदैव जमीन पर बैठ कर करें. ऐसा करने से आवश्यकता से अधिक खा नहीं पाएंगे. भोजन करने के बाद पानी पीना कई गंभीर रोगों को आमंत्रण देना है.



7. भोजन के प्रारम्भ में मधुर-रस (मीठा), मध्य में अम्ल, लवण रस (खट्टा, नमकीन) तथा अन्त में कटु, तिक्त, कषाय (तीखा, चटपटा, कसेला) रस के पदार्थों का सेवन करना चाहिए



8. भोजन के बाद हाथ धोकर गीले हाथ आँखों पर लगायें. यह आँखों को गर्मी से बचाएगा.



9. नहाने के कुछ पहले एक गिलास सादा पानी पियें. यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बहुत हद तक दूर रखेगा.



10. नहाने की शुरुवात सर से करें. बाल न धोने हो तो मुह पहले धोये. पैरों पर पहले पानी डालने से गर्मी का प्रवाह ऊपर की ओर होता है और आँख मस्तिष्क आदि संवेदन शील अंगो को क्षति होती है.



11. नहाने के पहले सोने से पहले एवं भोजन कर चुकने के पश्चात मूत्र त्याग अवश्य कर्रें. यह अनावश्यक गर्मी, कब्ज और पथरी से बचा सकता है.



12. कभी भी एक बार में पूर्ण रूप से मूत्रत्याग न करें बल्कि रूक रुक कर करें. यह नियम स्त्री पुरुष दोनों के लिए है ऐसा करके प्रजनन अंगों से सम्बंधित शिथिलता से आसानी से बचा जा सकता है. (कीगल एक्सरसाइज)



13. खड़े होकर मूत्र त्याग से रीढ़ की हड्डी के रोग होने की सम्भावना रहती है. इसी प्रकार खड़े होकर पानी पीने से जोड़ों के रोग ऑर्थरिटिस आदि हो जाते हैं.



14. फल, दूध से बनी मिठाई, तैलीय पदार्थ खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. ठंडा पानी तो कदापि नहीं.



15. अधिक रात्रि तक जागने से प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है .



16. जब भी कुल्ला करें आँखों को अवश्य धोएं. अन्यथा मुह में पानी भरने पर बाहर निकलने वाली गर्मी आँखों को नुकसान पहुचायेगी.



17. सिगरेट तम्बाकू आदि नशीले पदार्थों का सेवन करने से प्रत्येक बार मस्तिष्क की हजारों कोशिकाएं नष्ट हो जाती है इनका पुनर्निर्माण कभी नहीं होता.



18. मल मूत्र शुक्र खांसी छींक अपानवायु जम्हाई वमन क्षुधा तृषा आंसू आदि कुल 13 अधारणीय वेग बताये गए हं इनको कभी भी न रोकें. इनको रोंकना गंभीर रोगों के कारण बन सकते हैं .प्रतिदिन उषापान करने कई बीमारियाँ नहीं हो पाती और डॉक्टर को दिया जाने वाला बहुत सा धन बच जाता है.उषापान दिनचर्या का अभिन्न अंग बनायें.



20. रात्रि शयन से पूर्व परमात्मा को धन्यवाद अवश्य दें. चाहे आपका दिन कैसा भी बीता हो. दिन भर जो भी कार्य किये हों उनकी समीक्षा करते हुए अगले दिन की कार्य योजना बनायें अब गहरी एवं लम्बी सहज श्वास लेकर शरीर को एवं मन को शिथिल करने का प्रयास करे. अपने सब तनाव, चिन्ता, विचार आदि परमपिता परमात्मा को सौंपकर निश्चिंत भाव से निद्रा की शरण में जाएँ.

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हमेशा याद रखिये ये 10 लाजवाब नुस्खे | Top 10 Home Remedies

हमेशा याद रखिये ये 10 लाजवाब नुस्खे | Top 10 Home Remedies 

हमारा लाइफस्टाइल दिनों दिन बदलता जा रहा है घर की बजाए हमे बाहर का खाना ज्यादा टेस्टी लगता है नतीजा कभी गला ख़राब तो कभी खांसी लेकिन हर दवा लेने से बेहतर है की हम कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाये और जल्द राहत पाए

भारतीय रसोई में आपको हर मर्ज की दवा मिलेगी आइये जानते है कुछ ऐसे नुस्खे जी आपकी दादा नानी के समय से मशहूर है  For More Visit https://www.healthtreatment.in

1 . गर्म दूध और हल्दी :-

हल्दी सिर्फ दाल सब्जी में ही डालने के काम नही आती है इसमे कई औषधीय गुण भी है सौन्दर्य से लेकर त्वचा पेट और सर्दी आदि के लिए भी हल्दी उपयोगी होती है सर्दी जुकाम हो या चोट लगी हो हल्दी वाला गर्म दूध पीने से तुरंत राहत मिलती है

2 . अजवायन और नमक :-

नमक अजवायन के पराठे तो सबको अच्छे लगते है लेकिन जब पेट ख़राब या बदहजमी हो तो बीएस आधा चम्मच अजवायन एक चुटकी नमक के साथ फांके और बदहजमी दूर हो जाएगी

3 . तुलसी और काली मिर्च :-

तुलसी सबके घरो में आम होती है क्योकि लोग इसकी पूजा करते है लेकिन हम बता दे कि यह हमे बीमारियों से भी दूर रखती है 10 - 15 तुलसी के पत्ते और 8 -10 काली मिर्च के दोनों कि चाय बनाकर पीने से खांसी सर्दी और जुकाम में आराम मिलता है

4 अदरक कि चाय :-

अदरक कड़वी जरूर होती है लेकिन इसका स्वाद अच्छा लगता है अदरक वाली चाय सर्दी जुकाम से तुरंत राहत दिलाती है और माइग्रेन के लिए भी फायदेमंद होती है

5 . कच्चे बादाम :-

बादाम रातभर भिगोकर और छिलका निकालकर खाना चाहिए ये आखो कि रौशनी बढ़ाते है और याद्दाश्त तेज करते है

6 . सरसो का तेल :-

सरसो का तेल भी लाभकारी होता है जरा सा गर्म करके जोड़ो पर लगाए जाये तो दर्द में आराम मिलता है इससे खुश्की भी खत्म होती है

7 . एक कटोरी दही :-

दूध और दही भारतीय रसोई में ढेरो तरह से इस्तेमाल होते है अगर बालो में सिकरी हो तो बीएस दही हल्के हाथो से दही बालो में लगाए और मसाज करे रुसी तो हटेगी ही साथ ही बालो में चमक भी आएगी

8 . एक चम्मच चीनी :-

चीनी सिर्फ दूध में मिठास के लिए ही नही बल्कि दवा के रूप में भी इस्तेमाल होती है जब हिचकी आये और आप परेशान हो जाये बीएस एक चम्मच चीनी मुह में डाले और धीरे धीरे चबाये

9 . नींबू और शहद :- यह वजन कम करने का जबरदस्त नुस्खा है बीएस एक गिलास गर्म पानी में 1 नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर पिए और मोटापे को कम करे

10 . पका केला :-

दस्त में बीएस एक केला आराम देता है इसे सौन्दर्य के फेस मास्क के तोर पर भी इस्तेमाल किया जाता है

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Thursday, 21 July 2016

धनवान बनने की चाहत है तो गुरुवार को जरूर करें ये 5 काम

धनवान बनने की चाहत है तो गुरुवार को जरूर करें ये 5 काम | Astrology Jupiter Remedy for Growth in Income

ज्योतिषशास्त्र में धन का कारक ग्रह गुरू को बताया गया है। गुरू के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को धर्म, धन, ज्ञान और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। वैवाहिक जीवन के सुख के लिए भी गुरू को जिम्मेदार माना गया है। इसलिए गुरू की कृपा जरूरी है।

ऐसे में हर व्यक्ति को चाहिए कि वह गुरु को अनुकूल बनाए रखे। गुरुवार जो कि गुरू ग्रह का दिन माना गया है उस दिन 5 कम जरूर करें जिससे गुरू ग्रह की सकारात्मक उर्जा आपको प्राप्त हो जिससे आप गुरु से संबंधित सभी प्रकार के शुभ फल प्राप्त कर सकें।

गुरुवार को हल्दी या केसर का तिलक लगान चाहिए।

गुरुवार के दिन पीले रंग का वस्त्र धारण करें।

गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि गुरुवार के दिन घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें और केला, चना, गुड़, बेसन के लड्डू और शक्कर का भोग लगाएं। पूजा के बाद प्रसाद लोगों में बांट दें।

गुरुवार के दिन को खाली दिन माना गया है। ज्योतिषशास्त्र में कहा गया है कि कोई भी नया काम गुरुवार के दिन नहीं करना चाहिए, खास तौर पर जिन कार्यों से धन लाभ होने वाला हो। धर्म-कर्म एवं अध्यात्म से संबंधित कार्य एवं सोने की खरीदारी के लिए गुरुवार का दिन चुना जा सकता है।

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सेक्स के दौरान महिलाएं सबसे ज्यादा क्या पसंद करती है

सेक्स के दौरान महिलाएं सबसे ज्यादा क्या पसंद करती है 

यो तो महिलाओ को लेकर पुरुषों के मन में हमेशा कई सवाल उठते है उनमे एक सवाल यह है कई महिलाएं यौन संबंद बनाने के दौरान क्या चीज सबसे अधिक पसंद करती है इस संबंद में एक अध्धयन किया गया  For More Visit   https://www.healthsolution.co.in

इस अध्धयन के अनुसार बेहतर सेक्स लाइफ के लिए जोड़ो के बिच बेहतर समझ होना बहुत जरूरी है अपने पार्टनर के साथ खुस होकर बातचीत करने के बाद किया गया सेक्स भी महिलाओ को पसंद आता है महिलाएं चाहती है कई उनके पति या प्रेमी यौन संबंद बनाने से पहले प्यार कई बाटे करे और संबंध बनाने के बाद बताये की वे अपने पार्टनर को कितना प्यार करते है महिलाओ को यौन संबंद बनाते समय अपने पति द्वारा किया गया फोरप्ले भी बहुत पसंद आता है ज्यादतर महिलाएं चाहती है की उनका पार्टनर सेक्स करने से पहले फोरप्ले करे

इस अध्धयन में महिलाओ द्वारा अपने पार्टनर के खिलाप शिकायत भी दर्ज कराई गयी कई महिलाओ ने बताया कई उनका पार्टनर सेक्स करने के दौरान बातचीत नही करता है और यह बात महिलाओ को बिलकुल नापसंद है यौन संबंद बनाते समय महिलाओ को बिस्तर पर हाथ पकड़ना बांहो में भरकर प्यार करना भी बहुत पसंद है अक्सर वे अपने पार्टनर से यौन संबंद बनाते समय ऐसा ही करने के लिए कहती है

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शास्त्रो के अनुसार सुबह-सुबह ये चीजे दिखने पर आपका दिन अच्छा बीतता है...!!

शास्त्रो के अनुसार सुबह-सुबह ये चीजे दिखने पर आपका दिन अच्छा बीतता है 

प्राचीन समय से ही यह मान्यता है की यदि कोई काम सुबह ही अच्छा हो जाता है तो पूरा दिन आपका सही से गुजरता है वेदों में उन चीजो के बारे में बताया गया है जिनके सुबह दिखने से आपका दिन अच्छा गुजर सकता है कई बार आपसे कोई बुरा काम हो जाता है और आप कहते है की आज सुबह-सुबह किसका मुंह देखा

1 . सुबह में उठकर सबसे पहले अपने हाथो को देखना शुभ माना जाता है इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपने दोनों हाथो की हथेलियों को देखे और इन्हे रगड़ कर अपनी आखो पर भी लगाए

2 . यदि सुबह उठकर गाय ही दिखे या उसकी आवाज ही सुनाई दे तो समझ ले की आज आपका दिन अच्छा जाने वाला है

3 . सुबह -सुबह जल का पक्षी ,सफेद फूल,हाथी, मित्र आदि को देखना शुभ माना गया है

4 . सुहागन स्त्री का दिखना बहुत ही सुबह माना गया है इसका मतलब है की आपको कोई न कोई लाभ जरूर होगा

5 . सुबह आपके उठने से पहले आपके कानो में मन्दिर की घण्टी या वेदों का अलाप सुनाई दे तो समझे दिन शुभ होगा

6 . सुबह -सुबह के समय में आग का दिखना या हवन को देखना भी सुबह माना गया है जो आपको ऊर्जावान बनाने में मदद करता है

7. गोबर ,सोना ,तांबा ,हरि घास देखना भी शुभ माना गया है

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वीर्य गाढ़ा और धातुपुष्ट कर के स्तम्भन शक्ति बढाने वाला बबूल | Health Ben...

वीर्य गाढ़ा और धातुपुष्ट कर के स्तम्भन शक्ति बढाने वाला बबूल.

बहुत कम लोगों को पता है के बिलकुल सरल सा दिखने वाला और आसानी से सभी जगह उपलब्ध बबूल के इस प्रयोग को तीन महीने करने से धातु कमजोरी नष्ट होकर, धातु पुष्ट होती है, शीघ्रपतन नष्ट हो कर स्तम्भन शक्ति बढती है. शुक्राणुओं में वृद्धि होती है. For More Visit https://www.healthtreatment.in



आइये जाने इस प्रयोग को करने की विधि.

ज़रूरी सामग्री.

बबूल की कच्ची फलियाँ (जिनमे अभी बीज ना आये हों.)

बबूल के कोमल ताज़े पत्ते

बबूल की गोंद (यह अगर वृक्ष से ना मिले तो यह पंसारी से मिल जाएगी.)

उपरोक्त सामग्री बराबर मात्रा में ले लीजिये.

बनाने की विधि.

शीघ्रपतन दूर करने के लिए बिना बीज वाली बबूल कि कच्ची फलियाँ, बबूल की कोमल पत्तियां और बबूल की गोंद तीनो को समभाग (बराबर मात्रा) में लेकर सुखा लीजिये. सूखने पर कूट पीसकर कपड छान कर लें. अभी इसके बराबर वजन की मिश्री मिला लें और दोबारा तीन बार कपड छान कर लीजिये. अभी इस चूर्ण को कांच की शीशी में भर कर उपयोग के लिए रख लीजिये. रोज़ सुबह और रात में सोते समय एक एक खाने का चम्मच गर्म दूध के साथ तीन महीने तक सेवन करें.

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मूत्र विकार में.

पेशाब की रुकावट और जलन को ठीक करने के लिए बबूल की गोंद को पानी में घोलकर पीना चाहिए, बबूल कि कच्ची फलियाँ छाया में सुखाकर देशी घी में तल कर उनका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को शक्कर के साथ 10 ग्राम मात्रा में सुबह शाम लेने से भी मूत्र विकार सम्बन्धी रोग ठीक हो जाते हैं.  बबूल की गोंद कि 2 से 3 ग्राम मात्रा को 150 मिली जल में घोलकर एक बार लें.

बबूल परिचय.

बबूल जिसको कीकर, किक्कर, बाबला, बामूल आदि नामो से जाना जाता है. इसका पेड़ कांटेदार, बड़े या छोटे रूप में पुरे देश में सभी गाँवों शहरो में आसानी से मिल जाता है. इसके तीन भेद है – तेलिया बबूल, कोडिया बबूल और राम काँटा बबूल. इनमे से तेलिया बबूल मध्य आकार का होता है. कोडिया बबूल का वृक्ष मोटा व् छाल रूखी होती है. यह विदर्भ व् खानदेश में होता है. राम काँटा बबूल कि शाखाएं ऊपर उठी हुयी और झाड़ू कि तरह होती हैं. यह पंजाब राजस्थान व् दक्षिण में पाया जाता है.

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